बस आँखें जगी हैं
थोड़ा मन भी जगा है
कहाँ जाऊँगा
हाँ में हाँ ढूँडने
हाँ ना का सवाल नहीं है
सवाल है कि मन का क्या होगा
मन यूही बहल जाएगा
और आँखें भी थक कर बंद हो जाएंगी
थोड़ा मन भी जगा है
कहाँ जाऊँगा
हाँ में हाँ ढूँडने
हाँ ना का सवाल नहीं है
सवाल है कि मन का क्या होगा
मन यूही बहल जाएगा
और आँखें भी थक कर बंद हो जाएंगी